राजू ठाकुर/निलेश धनकर✍…
जनपद में अव्यवस्था हावी – सीईओ की कुर्सी खाली, ग्रामीणों का सब्र टूट रहा
20–30 किलोमीटर चलकर आने वाले ग्रामीणों को लौटना पड़ता हैं, जनप्रतिनिधि भी बेबस
तखतपुर। जनपद पंचायत कार्यालय इन दिनों बदइंतज़ामी का जीता-जागता नमूना बना हुआ है। सीईओ साहब की लगातार गैरहाज़िरी ने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की कठिनाइयों को चरम पर पहुँचा दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे 20 से 30 किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर जनपद कार्यालय आते हैं, लेकिन यहां पहुंचते ही पता चलता है कि सीईओ छुट्टी पर हैं-ना कोई जानकारी, ना कोई व्यवस्था। मजबूरन उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ता है।

सरपंच और सचिवों की भी यही स्थिति है। विकास योजनाओं की फाइलें अटक गई हैं, भुगतान और स्वीकृतियों के मामले ठप पड़े हैं, लेकिन जनपद प्रशासन को इससे कोई सरोकार नहीं दिखता।

सबसे गंभीर बात यह है कि सीईओ सत्यवत तिवारी सामान्य सभा की महत्वपूर्ण बैठक से भी नदारद रहे, जिससे जनप्रतिनिधियों में रोष और बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सीईओ की लापरवाह कार्यशैली जनपद के विकास को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है, और यदि यही स्थिति बनी रही तो जनपद कार्यालय का अस्तित्व केवल एक भवन तक सिमटकर रह जाएगा। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर सीईओ को नियमित उपस्थिति के लिए बाध्य करने की मांग की है।
