राजू सिंह ठाकुर, निलेश धनकर
नगर में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास फैली गंदगी ने नगर पालिका की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगी महान विभूतियों की प्रतिमाओं के पास कचरा, धूल और अव्यवस्था देखी जा सकती है, जिससे नगर की छवि धूमिल होने के साथ ही महापुरुषों के सम्मान को भी ठेस पहुँच रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जयंती या विशेष अवसरों पर तो प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर औपचारिकताएं पूरी कर ली जाती हैं, लेकिन उसके बाद इन स्थानों की सुध लेने वाला कोई नहीं होता। नियमित सफाई के अभाव में कई स्थानों पर कचरा जमा हो गया है और आसपास का वातावरण अस्वच्छ बना हुआ है।

नगरवासियों का मानना है कि जिन महापुरुषों ने समाज और देश के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया, उनकी प्रतिमाओं के आसपास इस प्रकार की स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि शहर में स्थापित सभी प्रतिमाओं और स्मारकों के आसपास नियमित सफाई और सौंदर्यीकरण की व्यवस्था की जाए। महापुरुषों के प्रति सच्चा सम्मान तभी होगा जब उनकी प्रतिमाओं और स्मारकों की गरिमा और स्वच्छता का भी पूरा ध्यान रखा जाए।



