कलेक्टर के कड़े निर्देश: पेट्रोल पंपों पर रिजर्व स्टॉक के अलावा मौजूद ईंधन की तुरंत करें सप्लाई, गड़बड़ी पर गिरेगी गाज


बिलासपुर।  जिले में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी (कलेक्टर) ने कड़ा रुख अपनाया है। आम जनता को पेट्रोल-डीजल के लिए हो रही असुविधा को देखते हुए कलेक्टर ने जिले के समस्त पेट्रोल पंप संचालकों और गैस कंपनियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
रिजर्व स्टॉक के अलावा बिक्री अनिवार्य
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि पेट्रोल पंपों पर नियमानुसार रखे जाने वाले ‘रिजर्व स्टॉक’ को छोड़कर, जो भी डीजल और पेट्रोल उपलब्ध है, उसे आम वाहन चालकों को तुरंत वितरित किया जाए। प्रशासन को कुछ स्थानों से स्टॉक होने के बावजूद आपूर्ति रोकने की शिकायतें मिल रही थीं, जिस पर संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किया गया है।
प्रमुख निर्देश एक नजर में:

  • अनिवार्य आपूर्ति: पंप पर उपलब्ध अतिरिक्त स्टॉक को ग्राहकों को देने से मना नहीं किया जा सकता।
  • गैस कंपनियों को हिदायत: गैस एजेंसियों को भी आपूर्ति श्रृंखला सुचारू रखने और वितरण में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
  • निरीक्षण टीम गठित: खाद्य विभाग और राजस्व विभाग की टीमें पेट्रोल पंपों के स्टॉक की औचक जांच करेंगी।
  • कड़ी कार्रवाई की चेतावनी: यदि कोई संचालक स्टॉक छिपाते या कालाबाजारी करते पाया गया, तो उसका लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
    अफवाहों पर न दें ध्यान
    जिलाधिकारी ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बुकिंग या अनावश्यक भंडारण से बचें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जिले में ईंधन की उपलब्धता पर्याप्त है और वितरण व्यवस्था पर पैनी नजर रखी जा रही है।
    प्रशासन का संदेश: “जनता की सुविधा सर्वोपरि है। यदि कोई भी पंप संचालक तेल होने के बावजूद सप्लाई रोकता है, तो नागरिक इसकी शिकायत सीधे संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (SDM) या खाद्य विभाग से कर सकते हैं।”

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