राजू ठाकुर/नीलेश धनकर
तखतपुर। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला और कलाकारों की प्रतिभा अब दूसरे राज्यों में भी अपनी पहचान बना रही है। तखतपुर क्षेत्र के ग्राम सिलतरा में रॉकी आर्ट द्वारा अद्भुत कलाकारी और बारीकी के साथ मां काली की 13.5 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा तैयार की गई है। आकर्षक स्वरूप और शानदार कारीगरी से तैयार यह प्रतिमा अब छत्तीसगढ़ से निकलकर तेलंगाना के निजामाबाद स्थित यादगिरी भाग कॉलोनी के लिए रवाना की जा रही है।


मां काली की इस विशाल प्रतिमा को तैयार करने में क्षेत्र के कुशल कलाकार दूज राम साहू, संदीप साहू एवं गोवर्धन साहू ने विशेष मेहनत की है। कलाकारों ने प्रतिमा के स्वरूप, भाव-भंगिमा, आभूषण और अन्य बारीकियों पर विशेष ध्यान देते हुए इसे भव्य रूप प्रदान किया है। प्रतिमा की ऊंचाई और आकर्षक कलाकारी इसे विशेष बनाती है। ग्राम सिलतरा में तैयार हुई यह प्रतिमा स्थानीय कलाकारों की मेहनत, हुनर और रचनात्मकता का उदाहरण है।

बताया गया कि रॉकी आर्ट द्वारा लंबे समय से विभिन्न प्रकार की प्रतिमाओं का निर्माण किया जा रहा है। स्थानीय कलाकारों की कला को अब दूसरे राज्यों से भी मांग मिल रही है, जो क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। सिलतरा में तैयार मां काली की यह प्रतिमा तेलंगाना के निजामाबाद पहुंचकर वहां श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आकर्षण का केंद्र बनेगी।

इस संबंध में लक्ष्मी खाद भंडार तखतपुर के संचालक पप्पू साहू द्वारा जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि ग्राम सिलतरा के कलाकारों द्वारा तैयार की गई मां काली की विशाल प्रतिमा को तेलंगाना भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कलाकार अपनी मेहनत और बेहतरीन कारीगरी के माध्यम से तखतपुर एवं छत्तीसगढ़ का नाम दूसरे राज्यों तक पहुंचा रहे हैं।

